Doft VPN ब्लॉग
सेंसरशिप समाचार, देशों की गाइड और अपना इंटरनेट खुला रखने के तरीके।

भारत में जुड़े रहें: VPN क्यों जरूरी है अब
ऐप बैन, थ्रॉटलिंग और पब्लिक Wi-Fi के खतरे भारत में रोजमर्रा की इंटरनेट का हिस्सा हैं। जानिए क्या हो रहा है, यह क्यों मायने रखता है, और VPN आपको निजी और जुड़ा रखने में कैसे मदद करता है।
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भारत में जुड़े रहना: जब ऐप्स ब्लॉक हों तो गोपनीयता क्यों जरूरी है
हाल के ऐप ब्लॉक और थ्रॉटलिंग से भारत के कई उपयोगकर्ताओं को अचानक एक्सेस कट का सामना करना पड़ रहा है। जानिए कि सार्वजनिक नेटवर्क पर क्या जोखिम है—और कैसे निजी और जुड़े रहें।
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भारत में जुड़े रहना: जब ऐप्स ब्लॉक हों और VPN कैसे मदद करता है
भारत में नियमित रूप से मैसेजिंग ऐप्स और सोशल प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगते हैं। जानिए कि एक्सेस क्यों ब्लॉक होता है, सार्वजनिक Wi-Fi पर आपकी गोपनीयता का क्या मतलब है, और आप अपनी जरूरत की सेवाओं से सुरक्षित रूप से कैसे जुड़े रह सकते हैं।
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भारत में जुड़े रहना: जब ऐप्स ब्लॉक हों तो VPN क्यों जरूरी है
भारत में ऐप्स का ब्लॉक होना, सार्वजनिक Wi-Fi के खतरे और इंटरनेट स्पीड धीमी पड़ना आम बात है। अपने डेटा को सुरक्षित रखने और सेवाओं तक पहुंच बनाए रखने के लिए आपको क्या जानना चाहिए।
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कैंपस, हॉस्टल, स्टेशन: भारत का साझा Wi-Fi और उससे क्या बाहर जाता है
छात्र और रोज़ सफ़र करने वाले लोग अपना ज़्यादातर ऑनलाइन समय किसी और के चलाए नेटवर्क पर बिताते हैं। HTTPS के बाद भी वे नेटवर्क क्या देख पाते हैं, VPN असल में क्या ठीक करता है, और कहाँ रुक जाता है।
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भारत के रोज़मर्रा के नेटवर्क और गोपनीयता: मेटाडेटा, गति और ईमानदार उम्मीदें
कैंपस का Wi-Fi, हॉस्टल की लाइन और ट्रेन का हॉटस्पॉट बहुतों के लिए पूरा इंटरनेट हैं। वे क्या देख सकते हैं, एन्क्रिप्शन क्या ठीक करता है, और VPN क्या बिलकुल ठीक नहीं करेगा।
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भारत में साझा नेटवर्कों से काम: असल में बचाने लायक क्या है
को-वर्किंग डेस्क, क्लाइंट का गेस्ट Wi-Fi, होटल का नेटवर्क — लैपटॉप आपका है, कनेक्शन नहीं। साझा लाइन आपके काम के बारे में क्या सीखती है, और एन्क्रिप्शन की सीमित लेकिन असली सुरक्षा।
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भारत में सार्वजनिक Wi-Fi: आपके काम करते वक़्त नेटवर्क क्या सीख लेता है
स्टेशन, कैफ़े, गेस्ट नेटवर्क और हॉस्टल — सब मुफ़्त कनेक्शन देते हैं। उन पर असल में क्या बाहर आता है, मेटाडेटा वाला हिस्सा कम क्यों आँका जाता है, और एन्क्रिप्शन कहाँ रुक जाता है।
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भारत में कैफ़े Wi-Fi पर बैंकिंग: असल में सुरक्षित क्या है
कैफ़े के Wi-Fi पर कोई आपका बैंकिंग पासवर्ड चुरा लेगा — यह चेतावनी अब ज़्यादातर पुरानी पड़ चुकी है। असली जोखिम अलग है, छोटा है, और उसे ठीक से समझना ज़रूरी है।
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भारत में प्रतिबंधित पहुँच: नेटवर्क पर क्या बदलता है और VPN क्या करता है
भारत में जब कोई पेज खुलना बंद कर देता है तो बदलाव प्रदाता के स्तर पर होता है। रास्ते का एन्क्रिप्शन असल में जो छोटा-सा काम करता है, और जिसे वह छूता ही नहीं।
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